मसाला उद्योग business plan & project report in Hindi 2020

दोस्तों अगर आप भी मसाला का बिज़नेस शुरू करना चाहते है वो काम कीमत पर तो आप सही जगह पर है आप भी मसाला का उद्योग करके महीने के पचास हजार  से लेकर एक लाख तक लाभ कमा सकते है 

तो दोस्तों आप बने रहिये हमारे साथ आज के इस ब्लॉग में हम मसाला उद्योग पर ही चर्चा करेंगे और साथ ही हम आपको यह बताएँगे की आप यह बिज़नेस को कैसे कम से कम पैसे में शुरू कर लाखो का बिज़नेस आसानी से कर सकते है। 

मसाला उद्योग 

दोस्तों मसाला आज के समय में हर किसी के घर की सामान्य जरुरत हो गयी है चाहे वो घर हो या होटल या किसी गरीब की झोपड़ी। 

मसाला आज के समय में हर तरह के खाने वाली चीजों में पड़ने वाला एक ऐसा पदार्थ है जिससे खाद्य सामग्री का स्वाद बढ़ जाता है। 

जिसकी वजह से मसाला की जरुरत समाज में इतनी जयादा है की इसकी खपत को पूरा करने के लिए आये दिन नयी मसाला कंपनियों का निर्माण होता है 

यह कई चीजों से मिलकर बनता है जैसे – जीरा , धनिया , हल्दी इत्यादि वस्तुओ को डालकर हम तैयार करते है या हम इन्हे अलग अलग भी तैयार कर बाजार में बेच सकते है 

दोस्तों आईये आगे हम यह जानते है की इस बिज़नेस को कैसे करते है 

मसाला उद्योग business plan & project report in Hindi 2020

मसाला उद्योग को शुरू करने के लिए जगह 

हमारा सबसे पहला कदम इस बिज़नेस को करने के लिए सही जगह का सही चुनाव करना बहुत जरुरी होता है यह बिज़नेस को 

दोस्तों जैसा की हम पिछले सभी ब्लॉग में यह बताते चले आये है की जब भी हम बिज़नेस के लिए जगह ढूंढे तो हमे कुछ बातो का जरूर ध्यान रखें रखना चहिये जैसे –

  • सड़क युक्त होनी चाहिए 
  • बिजली की व्यवस्था होनी चाहिए 
  •  पानी की व्यवस्था होनी चाहिए 
  • शहर के पास में जगह का होना जरुरी होता है 
  • किसी भी आपातकाल के समय में आपात कालीन सेवाएं मिल सके 

मसाला उद्योग के लिए आवश्यक सामग्री 

हम आपको नीचे कुछ ऐसे समाग्री के बारे में चर्चा कर रहे है जो की आपको इस मसाला बिज़नेस के लिए बहुत ही जरुरी है 

  • काली मिर्च काली मिर्च का उत्पादन अधिकांशतः केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु राज्य द्वारा किया जाता है |
  • इलायची: इलायची दो प्रकार की होती है छोटी और बड़ी | जहाँ छोटी इलायची का उत्पादन उपर्युक्त राज्यों द्वारा किया जाता है | वही बड़ी इलायची का उत्पादन सिक्किम और पश्चिम बंगाल द्वारा किया जाता है |
  • अदरक : अदरक का उत्पादन विभिन्न राज्यों जैसे केरल, कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश, उड़ीसा, मेघालय, मध्य प्रदेश, मिजोरम, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, हिमांचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड, झारखण्ड, छतीसगढ़ द्वारा किया जाता है |
  • हल्दी : हल्दी भिन्न भिन्न राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, असम, बिहार, मेघालय, केरल, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, आन्ध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और उड़ीसा में उत्पादित की जाती है |
  • मिर्च: मिर्च का उत्पादन अधिकांशतः मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, उड़ीसा, राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश व महाराष्ट्र राज्यों में किया जाता है |
  • धनिया : धनिये का उत्पादन मूल रूप से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व राजस्थान में किया जाता है |
  • जीरा जीरे का उत्पादन उत्तर प्रदेश, गुजरात व राजस्थान में किया जाता है |
  • सौंफ : सौंफ की पैदावार भी उपर्युक्त तीन राज्यों में ही होती है |
  • अजवायन : अजवायन की पैदावार मूल रूप से उत्तर प्रदेश व पंजाब में होती है |
  • लोंग : लोंग अधिकतर कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में होता है |
  • मेथी : मेथी का उत्पादन उत्तर प्रदेश, गुजरात व राजस्थान में होता है |
  • जायफल और जावित्रीइसका उत्पादन केरल, तमिलनाडु और केरल में होता है |
  • दालचीनी : केरल और तमिलनाडु में उत्पादित की जाती है |
  • केसर : केसर का उत्पादन जम्मू एंड कश्मीर में होता है |
  • वैनिला : केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक राज्य द्वारा उत्पादित किया जाता है |
  • लहसुन : कर्नाटक, राजस्थान, छतीसगढ़, बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, महाराष्ट्र, हरियाणा और मध्य प्रदेश राज्यों द्वारा उत्पादन किया जाता है |
  • अजोवन : बिहार और जम्मू कश्मीर में पैदावार होती है |
  • सरसों : बिहार, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश में उत्पादित होती है |
  • सोया बीज : गुजरात और राजस्थान में पैदा की जाती है |
  • कोकम : एकमात्र राज्य कर्नाटक में पैदावार होती है |
  • तेजपत्ता : सिक्किम और अरुणांचल प्रदेश में पैदावार होती है |
  • अनार के बीज: महाराष्ट्र और तमिलनाडु राज्यों में पैदावार होती है |
  • हर्बल और विदेशी मसाले : तमिलनाडु | 

मसालों की पैकिंग के लिए आपको पॉलीथिन की छोटी थैलियों की आवश्यकता भी  पड़ती है

मसाला उद्योग को करने के लिए मशीन 

मसाला की मशीनों को खरीदने से पहले आपको यह ध्यान रखने की आवश्यकता है की मसालो में कई ऐसी सामग्री है 

मसाला उद्योग में मसाला पीसने के अलावा भी कई काम होते यहाँ मसाला  उद्योग में लगाने वाली मशीनों की लिस्ट है 

  •  spice cleaner– मसालों से कंकड़ पत्थर साफ करने के लिए
  •  ग्राइंडर- मसालों को पीसने के लिए
  •  grader-  मसालों की पिसाई के बाद बारीक़ तथा मोटे मसालों को अलग करने के लिए
  •  तराजू – तैयार मसालों को मापने के लिए
  • पॅकेजिंज – मसालों को पैक करने के लिए 

मसाला उद्योग के लिए पैकेजिंग मटेरियल 

दोस्तों मसाला बिज़नेस को करने के लिए एक और भी महत्वपूर्ण चीज है जो की है पैक करने की मशीन जिसके जरिये आप अपने सभी पप्रकार के मसालों को एक पैकेट में बंद करेंगे 

इसके बाद आता है दोस्तों आपका पैकेजिंग बॉक्स यानि की पाउच जिसमे आप मसाले को पैक करेंगे। 

मसाला पाउडर बनाने के लिए ट्रेनिंग 

दोस्तों आपको मसाला का पाउडर बनाने के लिए कुछ दिनों की ट्रेनिंग लेना जरुरी होता है जो की आप किसी भी मसाला फैक्ट्री से ले सकते है 

मसाला पाउडर बनाने के लिए आपको ट्रेनिंग लेना इसलिए भी जरुरी है की इससे आपको मसाला के सही गुणवत्ता की जानकारी हो सकती है 

इसके साथ ही आपको मसाला की पूरी जाकारी भी हो जाती है जो की सबसे ज्यादा जरुरी है इसमें आपको मसाला के सभी तत्वों के बारे में जानकारी हो जाती है 

उनकी किस मसाला में कितनी उपस्थिति होनी चाहिए ये भी जाकारी हो जाती है 

मसाला उद्योग की मार्केटिंग 

मसाला उद्योग का प्रचार प्रसार करने के लिए आप प्रत्येक दूकान जाकर अपने प्रोडक्ट की जानकरी दे सकते है।

इसके साथ ही आप पम्पलेट और बैनर के जरिये भी जानकारी दे सकते है पहले आप अपने शहर में ही इसका प्रचार प्रसार करे उसके बाद इसे आगे बढ़ाये 

बिज़नेस के लिए आप ऑनलाइन का भी सहारा ले सकते है।  इसमें आप सोसल मिडिया और गूगल एड का भी सहारा ले सकते है 

मार्केटिंग का सबसे किफायती तरीका ग्राहक की संतुष्टि का होना बहुत जरुरी होता है अगर आपका ग्राहक संतुष्ट हो गया तो आपका गग्राहक स्वयं ही आपके प्रोडक्ट का प्रचार करेगा। 

इसके लिए सबसे बड़ा उदाहरण पतंजलि है जिसके प्रोडक्ट का प्रचार ग्राहक सबसे ज्यादा करते है 

मसाला उद्योग की सर्विस 

 आपको अपने मसाले की सर्विस यानी सभी दूकान तक अपने मसालो का वितरण करना जिसके लिए आपको किसी साधन और कामगार की आवश्यकता हो सकती है 

आप शुरू में अपने मसलो का वितरण खुद से ही कर सकते है और फिर बाद में आप इन मसालों का वितरण अपने कामगरों के द्वारा भी करवा सकते है 

इसके साथ ही आप कुछ ऐसे लोगो से भी सम्पर्क बना सकते है जो अन्य प्रोडक्ट की डिलीवरी के लिए कई दुकानों पर विजिट करते हो 

मसाला उद्योग से होने वाला फायदा 

आप इस बिज़नेस से शरुआत में थोड़ी मेहनत के जरिये आप अच्छा मुनाफा कमा सकते है जैसे की आप इस बिज़नेस से 30 हजार से लेकर 40 हजार तक का मुनाफा कमा सकते है 

यह मुनाफा आपके सभी खर्चो को घटाकर एक अनुमानित है कृपया इसका सही आकलन करे 

मसाला उद्योग या बिज़नेस के लिए लोन 

शुरुआत में यदि आपके पास स्वयं की पूजी है तो यह पके लिए बहुत ही बढ़िया होगा क्योकि आपको बाद में किसी भी तरह का दिक्कत का समाना नहीं करना होगा। 

किन्तु अगर आपके पास इतनी अधिक पूजी नहीं यही तो आप अपने मित्रो या सम्बन्धियों से भी अपने नए बिज़नेस के लिए फण्ड एकत्र कर सकते है। 

इसके बाद यदि आपके पास ऊपर के दोनों ऑप्शन से पैसे एकत्र होने में प्रॉब्लम होता है तो आप बैंक का सहारा ले सकते है। 

जिसमे आपको अपने नजदीकी किसी भी बैंक में जाकर समपर्क करना होगा जहा पर आपको अपने मसाला बिज़नेस की अगले पांच साल की प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर देनी होगी। 

प्रोजेक्ट रिपोर्ट के साथ ही आपको अन्य कई दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो इत्यादि सम्मलित करना होगा। 

सावधानिया 

  • मसाले को सही मात्रा में तैयार करना 
  • उसकी गुणवत्ता पर ध्यान देना
  • सही मशीनों का चुनाव 
  • साफ़ सफाई का विशेष ध्यान 

निष्कर्ष 

आप इस बिज़नेस में अच्छा मुनाफा कमा सकते है किन्तु इसके लिए आपके ग्राहक के संतुष्ट होना बहुत जरुरी होता है 

आपका ग्राहक आपके ब्रांड पर विश्वास कर सके बात ख्याल रखना जरुरी होता है 

अन्य बिज़नेस की तरह इस मसाला उद्योग में अपने प्रोडक्ट को इक ब्रांड के रूप में रखना होगा जिसे की ग्राहक आपको पहचान सके 

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