[Interested] Rashtrapati Apna Tyagpatra kise deta hai

हमारे एक रीडर ने हमे यह कमेंट के जरिये पूछा है की Rashtrapati Apna Tyagpatra kise deta hai ? तो मैंने भी सोचा क्यों न हम आज इसी प्रश्न का उत्तर दे दे।

यदि आप नौकरी पेशा है तो आपको यह मालूम होगा की आप को अपना त्याग पत्र देना है तो आप इस त्यागपत्र को अपने बॉस को देंगे या फिर अपनी कंपनी के HR department को।

इसी तरह हर कोई अपना त्याग पत्र अपने से अधिक senior को अपना त्यागपत्र देता है किन्तु सोचिये देश सर्वोच्च स्थान जिसका बॉस या seniour कोई न हो वह किसे त्यागपत्र देगा

तो आईये आज हम अपने इस ब्लॉग पोस्ट के जरिये यह समझते है की देश का सर्वोच्तम स्थान पर बैठने वाला व्यक्ति यानी एक राष्ट्रपति अपना त्यागपत्र किसे देता है

Rashtrapati Apna Tyagpatra kise deta hai

राष्ट्रपति अपना त्यागपत्र किसे देता है इस प्रश्न का उत्तर देने से पहले हम निन्मलिखित बिन्दुओ पर जानकारी एकत्र करेंगे

  • राष्ट्रपति कौन होता है?
  • राट्रपति बनाने के लिए योग्यता क्या होनी ?
  • राष्ट्रपति की तनख्वाह कितनी होती है ?
  • राष्ट्रपति की शक्ति क्या होती है ?
  • राष्ट्रपति का कार्य क्या होता है ? इत्यादि

भारत में राष्ट्रपति पद 

भारत में राष्ट्रपति का पद सबसे सर्वोच्च माना गया है राष्ट्रपति के पास पर्याप्त शक्ति होती है। लेकिन कुछ अपवादों के अलावा राष्ट्रपति के पद में निहित अधिकांश अधिकार वास्तव में प्रधानमन्त्री की अध्यक्षता वाले मन्त्रिपरिषद् के द्वारा उपयोग किए जाते हैं।

भारत के राष्ट्रपति, भारत गणराज्य के कार्यपालक अध्यक्ष होते हैं। संघ के सभी कार्यपालक कार्य उनके नाम से किये जाते हैं। अनुच्छेद 53 के अनुसार संघ की कार्यपालक शक्ति उनमें निहित हैं।

वह भारतीय सशस्त्र सेनाओं का सर्वोच्च सेनानायक भी हैं। सभी प्रकार के आपातकाल लगाने व हटाने वाला, युद्ध/शान्ति की घोषणा करने वाला होता है। वह देश के प्रथम नागरिक हैं।

भारतीय राष्ट्रपति का आवास

भारतीय राष्ट्रपति के आवास को रायसीना हिल के नाम से भी जाना जाता है इसके अलावा इसे अधिकतर राष्ट्रपति भवन के रूप में ही लोग जानते है

भारत के राष्ट्रपति का आवास राष्ट्रपति भवन नई में दिल्ली स्थित हैं

राष्ट्रपति की शक्तियाँ

1. न्यायिक शक्तियाँ

संविधान का 72वाँ अनुच्छेद राष्ट्रपति को न्यायिक शक्तियाँ देता है कि वह दंड का उन्मूलन, क्षमा, आहरण, परिहरण, परिवर्तन कर सकता है।

  • क्षमादान – किसी व्यक्ति को मिली संपूर्ण सजा तथा दोष सिद्धि और उत्पन्न हुई निर्योज्ञताओं को समाप्त कर देना तथा उसे उस स्थिति में रख देना मानो उसने कोई अपराध किया ही नहीं था। यह लाभ पूर्णतः अथवा अंशतः मिलता है तथा सजा देने के बाद अथवा उससे पहले भी मिल सकती है।
  • लघुकरण – दंड की प्रकृति कठोर से हटा कर नम्र कर देना उदाहरणार्थ सश्रम कारावास को सामान्य कारावास में बदल देना
  • परिहार – दंड की अवधि घटा देना परंतु उस की प्रकृति नहीं बदली जायेगी
  • विराम – दंड में कमी ला देना यह विशेष आधार पर मिलती है जैसे गर्भवती महिला की सजा में कमी लाना
  • प्रविलंबन – दंड प्रदान करने में विलम्ब करना विशेषकर मृत्यु दंड के मामलों में

2. वीटो शक्तियाँ

विधायिका की किसी कार्यवाही को विधि बनने से रोकने की शक्ति वीटो शक्ति कहलाती है संविधान राष्ट्रपति को तीन प्रकार के वीटो देता है।

  1. पूर्ण वीटो – निर्धारित प्रकिया से पास बिल जब राष्ट्रपति के पास आये (संविधान संशोधन बिल के अतिरिक्त) तो वह् अपनी स्वीकृति या अस्वीकृति की घोषणा कर सकता है किंतु यदि अनु 368 (सविधान संशोधन) के अंतर्गत कोई बिल आये तो वह अपनी अस्वीकृति नहीं दे सकता है। यद्यपि भारत में अब तक राष्ट्रपति ने इस वीटो का प्रयोग बिना मंत्रिपरिषद की सलाह के नहीं किया है माना जाता है कि वह ऐसा कर भी नहीं सकता ।
  2.  निलम्बनकारी वीटो – संविधान संशोधन अथवा धन बिल के अतिरिक्त राष्ट्रपति को भेजा गया कोई भी बिल वह संसद को पुर्नविचार हेतु वापिस भेज सकता है किंतु संसद यदि इस बिल को पुनः पास कर के भेज दे तो उसके पास सिवाय इसके कोई विकल्प नहीं है कि उस बिल को स्वीकृति दे दे। इस वीटो को वह अपने विवेकाधिकार से प्रयोग लेगा। इस वीटो का प्रयोग अभी तक संसद सदस्यों के वेतन बिल भत्ते तथा पेंशन नियम संशोधन 1991 में किया गया था। यह एक वित्तीय बिल था। राष्ट्रपति रामस्वामी वेंकटरमण ने इस वीटो का प्रयोग इस आधार पर किया कि यह बिल लोकसभा में बिना उनकी अनुमति के लाया गया था।
  3. पॉकेट वीटो – संविधान राष्ट्रपति को स्वीकृति अस्वीकृति देने के लिये कोई समय सीमा नहीं देता है यदि राष्ट्रपति किसी बिल पर कोई निर्णय ना दे (सामान्य बिल, न कि धन या संविधान संशोधन) तो माना जायेगा कि उस ने अपने पॉकेट वीटो का प्रयोग किया है यह भी उसकी विवेकाधिकार शक्ति के अन्दर आता है। पेप्सू बिल 1956 तथा भारतीय डाक बिल 1984 में तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने इस वीटो का प्रयोग किया था।

3. राष्ट्रपति की संसदीय शक्ति

राष्ट्रपति संसद का अंग है। कोई भी बिल बिना उसकी स्वीकृति के पास नहीं हो सकता अथवा सदन में ही नहीं लाया जा सकता है।

4. राष्ट्रपति की विवेकाधीन शक्तियाँ

  • 1. अनु 74 के अनुसार
  • 2. अनु 78 के अनुसार प्रधान मंत्री राष्ट्रपति को समय समय पर मिल कर राज्य के मामलों तथा भावी विधेयकों के बारे में सूचना देगा, इस तरह अनु 78 के अनुसार राष्ट्रपति सूचना प्राप्ति का अधिकार रखता है यह अनु प्रधान मंत्री पर एक संवैधानिक उत्तरदायित्व रखता है यह अधिकार राष्ट्रपति कभी भी प्रयोग ला सकता है इसके माध्यम से वह मंत्री परिषद को विधेयकों निर्णयों के परिणामों की चेतावनी दे सकता है
  • 3. जब कोई राजनैतिक दल लोकसभा में बहुमत नहीं पा सके तब वह अपने विवेकानुसार प्रधानमंत्री की नियुक्ति करेगा
  • 4. निलंबन वीटो/पॉकेट वीटो भी विवेकी शक्ति है
  • 5. संसद के सदनो को बैठक हेतु बुलाना
  • 6. अनु 75 (3) मंत्री परिषद के सम्मिलित उत्तरदायित्व का प्रतिपादन करता है राष्ट्रपति मंत्री परिषद को किसी निर्णय पर जो कि एक मंत्री ने व्यक्तिगत रूप से लिया था पर सम्मिलित रूप से विचार करने को कह सकता है।
  • 7. लोकसभा का विघटन यदि मंत्रीपरिषद को बहुमत प्राप्त नहीं है

भारत में राष्ट्रपति बनाने के लिए योग्यता

राष्ट्रपति बनने के लिए आवश्यक योग्यताएँ इस प्रकार से है

भारत का कोई नागरिक जिसकी उम्र 35 साल या अधिक हो वह पद का उम्मीदवार हो सकता है।

राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार को लोकसभा का सदस्य बनने की योग्यता होना चाहिए और सरकार के अधीन कोई लाभ का पद धारण किया हुआ नहीं होना चाहिए।

परन्तु निम्नलिखित कुछ कार्यालय-धारकों को राष्ट्रपति के उम्मीदवार के रूप में खड़ा होने की अनुमति दी गई है:

  • वर्तमान राष्ट्रपति
  • वर्तमान उपराष्ट्रपति
  • किसी भी राज्य के राज्यपाल
  • संघ या किसी राज्य के मन्त्री।

राष्‍ट्रप‍ति के निर्वाचन सम्‍बन्‍धी किसी भी विवाद में निणर्य लेने का अधिकार उच्‍चतम न्‍यायालय को है

Most Asked Q&A

भारत के राष्ट्रपति अपना त्यागपत्र किसको संबोधित करते हैं

भारत के राष्ट्रपति अपना त्यागपत्र उपराष्ट्रपति को सौंपते हैं

स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति कौन थे ?

डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद

कौन लगातार दो बार राष्ट्रपति रहे थे ?

डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद

उप राष्ट्रपति अपना त्यागपत्र किसे देता है

उप राष्ट्रपति अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को सौंपते हैं

भारत के राष्ट्रपति अपना त्यागपत्र किसे सौंपते हैं

भारत के राष्ट्रपति अपना त्यागपत्र उपराष्ट्रपति को सौंपते हैं

उपराष्ट्रपति की अनुपस्थिति में राष्ट्रपति अपना त्यागपत्र किसे देता है

राष्ट्रपति अपना त्यागपत्र क्या उपराष्ट्रपति को देता है ?

हा, भारत के राष्ट्रपति अपना त्यागपत्र उपराष्ट्रपति को सौंपते हैं

भारत के राष्ट्रपति को उनके पद से कौन हटा सकता है?

भारत के राष्ट्रपति को संसद द्वारा महाभियोग चलाकर हटाया जा सकता है, क्योंकि संसद को भारतीय संविधान का रक्षक माना जाता है

वर्तमान भारत के राष्ट्रपति कौन हैं?

Ram Nath Kovind भारत के वर्तमान राष्ट्रपति है

राष्ट्रपति की पदावधि कितने वर्षों की होती है? क्या आप बता सकते हैं?

पाँच साल के लिए

राष्ट्रपति संविधान के किस अनुच्छेद के तहत भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष शपथ ग्रहण करता है ?

अनुच्छेद 60

राष्ट्रपति के त्यागपत्र की सूचना उपराष्ट्रपति किसको देता है ?

लोकसभाध्यक्ष को

यदि मृत्यु, त्याग पत्र अथवा हटाए जाने की स्थिति में भारत के राष्ट्रपति का पद रिक्त हो जाए तो उस पद का कार्यभार कौन संभालेगा ?

उपराष्ट्रपति

राष्ट्रपति का रिक्त स्थान कितने माह मे भर लिया जाना चाहिए ?

6 माह

भारत के राष्ट्रपति की मर्जी तक कौन अपने पद पर रह सकता है ?

राज्यपाल

वित्त बिल के लिए किसकी पूर्व स्वीकृति आवश्यक है ?

भारत के राष्ट्रपति

किसी भी अभियुक्त को फाँसी की सजा को बदलने या कम करने का अधिकार किसे दिया गया है ?

राष्ट्रपति को

लोकसभा एवं राज्यसभा में राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्यों की कुल संख्या कितनी है ?

लोकसभा एवं राज्यसभा में राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्यों की कुल संख्या 14 है ?

गुजारिश

दोस्तों हमने आपको ”[Interested] Rashtrapati Apna Tyagpatra kise deta hai“  पोस्ट में कई सवालो के जवाब देने का प्रयास किया है

फिर भी अगर आपके पास कोई अन्य सवाल इससे जुड़े हुए है तो आप उन्हें हमसे सीधे कमेंट के जरिये जरूर बताये

हम आपके सभी सवालो को अपने इस लेख में डालकर आप सभी की मदद करना पसंद करेंगे।

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