Ling Kise Kahate Hain puri jankaari

लिंग किसे कहते है और इसका हिंदी व्याकरण में क्या महत्व है या लिंग के कितने भेद होते है और स्त्रीलिंग क्या है, इत्यादि तमाम प्रकार के प्रशनो के उत्तर हम आपको इस पोस्ट के जरिये देंगे।

क्या आपके आपके मन में ये विचार आया होगा की वो कौन से ऐसे शब्द है जिन्हे केवल किसी पुरुष के लिए या ऐसे कौन से शब्द है जिनका इस्तेमाल केवल स्त्री के लिए किया जाता है

और शायद ही मन में कभी यह विचार आया है की “बालक” शब्द का प्रयोग किसी पुरुष के लिए क्यों करते है हम इस शब्द का प्रयोग किसी महिला या स्त्री के लिए क्यों नहीं करते है

क्युकी हिंदी व्याकरण में शब्द को लिंग के आधार पर निर्मित या व्यवस्थित किया जाता है इसके लिए नियम तय किये गए है जिनके बारे में नीचे आपके साथ साँझा किया गया है

चलिए इन नियमो को समझते है।

Table of Contents

लिंग 

लिंग का अर्थ है ‘चिन्ह’ या ‘पहचान’ . ……………… लिंग शब्द को संस्कृत भाषा से लिया गया है लिंग के द्वारा हम किसी वस्तु या व्यक्ति के पुरुष या स्त्री होने का अनुमान लगाते है यदि किसी में स्त्री लिंग है तो वह स्त्री

और यदि किसी में पुरुष का लिंग है तो वह पुरुष के रूप में जाना जाता है किन्तु निर्जीव वस्तुओं में लिंग न होने के पर भी इसमें लिंग भेद हिंदी व्याकरण के विद्वानों ने किया है

संस्कृत भाषा में इसके तीन भेद बताये गए है जिसके आधार पर हिंदी में भी लिंग के तीन अलग अलग प्रकार के भेद बताये गए है

लिंग किसे कहते है

लिंग वह जिसके जरिये किसी व्यक्ति या वस्तु की जाती का बोध होता है

या

वह संज्ञा शब्द जिसके द्वारा किसी व्यक्ति या वस्तु के जाती का बोध हो उसे लिंग कहते है

उदाहरण के लिए ;-

गाय, बैल, बकरी, दरवाजा, पंखा, कुत्ता, भवन, पिता, घोडा, मोरनी , मोहिनी, शेर, लडकी , हथनी, भाई, शेरनी , घोड़ी, लड़का, खिड़की , हाथीकुतिया , माता , मोर, बहन , बकरा , मोहन आदि।

ऊपर दिए गए शब्द किसी न किसी लिंग को परिभाषित कर रहे है

लिंग के भेद

लिंग के तीन भेद होते है जो की धरती पर पायी जाने वाली तीन अलग अलग प्रकार की लिंग के आधार पर बतलाये गए है यह लिंग इस प्रकार से है

  1. पुल्लिंग
  2. स्त्रीलिंग
  3. नपुंसकलिंग

1. पुल्लिंग

ऐसे शब्द जिनके द्वारा पुरुष जाति का पता चलता है वे पुल्लिंग कहलाते हैं।

उदहारण के लिए ;- राम, राजा, भागवत, पिता, मित्र, पर्वत, पेड़, बकरा, हंस, मोर, बैल, सेठ, दोस्त, प्रेम, जीवन, पुत्र, बेट, नाती, पोता, दादा, मामा, बाबा, चाचा, भाई , फूफा, जल, शेर, घोडा, जवान, किसान, संविधान, भारत, देश, राज्य, सरकार, कंप्यूटर, पंखा इत्यादि।

पुल्लिंग शब्द और उनके प्रयोग

यहाँ नीचे हमने कुछ ऐसे शब्द लिखे है जो की पुल्लिंग शब्द की श्रेणी में आते है और साथ ही इन शब्दों का प्रयोग भी किया गया है

जिससे की आपको आईडिया मिल जायेगा की ये कौन से शब्द है और इनका प्रयोग कहा किया जाता है।

चलिए नीचे दिए गए इन निम्नलिखित शब्दों को समझते है।

अ से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
  • आम – आम बहुत मीठा है
  • अदरख – अदरख कड़वा है
  • अनुसन्धान – अनुसन्धान क्या होता है
  • अणु – अणु किसे कहते है
  • अकाल – वहां पर अकाल पड़ गया था।
  • अखरोट – अखरोट बहुत मजबूत है
  • अपहरण – किसका अपहरण हो गया है।
  • अनाज – यह अनाज किसे देना होगा।
  • अबीर – इस बार अबीर से होली खेला जायेगा।
  • अमृत – अमृत देवताओ ने पिया था।
  • अक्षर – अक्षर ही मिलकर शब्द का निर्माण करते है।
  • अपराध – जो अपराध करेगा उसे सजा जरूर मिलेगी।
  • अरमान – शिवानी के बहुत अरमान है।
  • अपयश – गलत कर्मो का अपयश जरूर मिलता है।
आ से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
  • आलस्य – तुम्हारा आलस्य ही तुम्हे असफलता दिलाएगा।
  • आमंत्रण – अपने मुझे आमंत्रण नहीं दिया था।
  • आचरण – उसके आचरण कुछ अच्छे नहीं लगते है।
  • आशीर्वाद – माता पिता से प्राप्त आशीर्वाद किसी देव् के वरदान से कम नहीं होता है।
  • आलू – आलू सभी सब्जियों का राजा है।
  • आवेश – आवेश में आने से व्यक्ति अपने होश खो देता है।
  • आश्रम – आश्रम वेब सीरीज बहुत ही ज्यादा पसंद किया गया।
  • आश्र्वासन – यह आश्र्वासन तुम हमे हमेशा ही देते हो
  • आक्रमण – वह तुम पर कैसे आक्रमण कर दिया।
  • आसान – यह तुम्हारा आसन है।
  • आरोप – किसी पर बिना मतलब आरोप नहीं लगाना चाहिए।
  • आकाश – आकाश आज नीला है।
  • आयोजन – आपके द्वारा किया गया आयोजन बहुत ही सूंदर है।
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
  • इल्जाम – तुम ऐसे कैसे मुझ पर यह इल्जाम लगा सकते हो।
  • इलाज – क्या कोरोना का इलाज मुमकिन है।
  • इस्तीफ़ा – मोहन ने इस्तीफ़ा क्यों नहीं दिया।
  • इलाका – यह इलाका मेरा है।
  • इन्तजार – मैं तुम्हारा इन्तजार हमेशा करूँगा।
  • इन्साफ – जज साहब मुझे इन्साफ चाहिए।
  • इत्र – यह इत्र मुझे पसंद है।
  • इस्तेमाल – तुमने मेरा केवल इस्तेमाल किया है
  • इजहार – क्या तुमने अपने प्यार का इजहार किया।
  • इश्क – मुझे तुमसे इश्क हो गया है।
  • इस्पात – इस्पात का बुसिनेस करना तुम्हारे लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है।
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
  • ईंधन – इस जहाज को चलने के लिए अधिक ईंधन की जरुरत होती है।
  • ईख – इस ईख का इस्तेमाल गुड़ या चीनी बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है।
  • ईद – क्या अब ईद आने वाला है।
  • ईश्वर – आज के लोगो को न जाने क्या हो गया है वो अब ईश्वर पर भरोसा नहीं करते है।
  • ईमान – क्या तुमने अपने ईमान को बेच दिया।
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
  • उत्साह – बहुत अधिक उत्साह मत दिखाना मुझे।
  • उदय – अब तुम्हारा भविष्य उदय होगा।
  • उद्घाटन – आज मोदी ने स्टेडियम का उद्घाटन किया है।
  • उपकार – किसी पर उपकार करने से शांति का अनुभव होता है।
  • उफान – समुन्द्र में उफान आया था।
  • उल्लास – दिवाली को बहुत उल्लास के साथ मनाया था।
  • उपहास – तुम किसी का उपहास मत करो।
  • उपचार – इलाज को ही उपचार भी कहते है।
  • उल्लंघन – इन नियमो का उल्लंघन मत करो।
  • उत्तरदायित्व – यह मेरा उत्तरदायित्व है।
  • उलटफेर – तुमने तो मेरी दुनियों को उलटफेर कर दिया।
  • उतार – जीवन ऐसे और भी उतार आएंगे।
  • उबाल – पानी में उबाल आ रहा है ,
  • उत्पादन – इस बार फसल का उत्पादन बहुत अधिक हुआ है।
  • उल्लू – तुम उल्लू हो क्या।
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
  • ऊख – ऊख की फसल तैयार हो गयी है।
  • ऊन – ऊन से स्वेटर बनती है।
  • ऊर्जस्वी – यह बहुत ही ऊर्जस्वी है।
  • ऊजम – इसके सभी दोस्त बहुत ऊजम है।
 ओसे शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
  • ओला – ओला से ठंड बढ़ गया है।
  • ओठ – ये तुम्हारे ओठ है
  • ओंकार – ओंकार क्या है।
  • ओम – ओम का क्या है।
  • ओवेशी – तुम्हारा मित्र बहुत ओवेशी है
 औसे शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
  • औकात – तुम अपनी औकात में रहो।
  • औजार – यह अपना औजार को अपने पास रखो।
  • औसत – मेरी यह औसत कमाई है।
 अंसे शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
  • अंगूर – यह अंगूर मीठा है।
  • अंकुश – यह अंकुश अच्छा नहीं है।
  • अंतरिक्ष – कल तुम अंतरिक्ष में जा सकोगे।
  • अंश – वह किसका अंश है।
  • अंतर्धान – तुम इतनी जल्दी अंतर्धान कैसे हो जाते हो।
  • अंगार – यह आग है या अंगार।
  • अंक – तुम्हारा कितना अंक है।
  • अंतःकरण – क्या अंतःकरण इस बात के लिए परमिशन कर रहा है।
 कसे शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
  • कपूर – भाई यह कपूर कितनी देर तक जलेगा।
  • कपाट – यह कपाट कब खुलेगा।
  • कटहल – यह कटहल अभी कच्चा है।
  • कवच – कर्ण अपना कवच भी दान कर दिया था।
  • काँच – लोग कहते है की उनका दिल काँच का है।
  • कार्य – तुम कितनी देर कार्य कर सकते हो।
  • कुल – तुम अपने कुल का नाश क्यों कर रहे हो।
  • कुशल – तुम इक कुशल योद्धा हो।
  • केश – यह केश बहुत लम्बे है।
  • कौतूहल – वह कितनी कौतूहल से इसे देख रहा है।
  • कौशल – तुम्हारा कौशल देखकर मैं तो हैरान हो गया हूँ।
  • कीचड़ – यह कीचड़ तुम कहा से लेकर आ गए ।
  • कित्रर – क्या वह एक कित्रर है।
  • कूड़ा – क्या तुम्हे कूड़ा उठाना चाहिए।
  • कोहनूर, – तुम्हारा भाई कोहनूर है ।
  • काजल – तुम्हारा काजल बहुत ही सूंदर है।
  • कम्बल – यह कम्बल तुम्हे ले लेनी चाहिए।
  • कल्याण – तुम्हारा कल्याण हो।
  • कलंक – यह कलंक मैं सहन नहीं कर सकता हूँ।
  • कर्म – कर्म ही सफलता की कुंजी है।
  • कण्ठ तुम बहुत ही मधुर कण्ठ के हो
 खसे शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
  • खजूर – खजूर का पेड़ बहुत ही अधिक लम्बा होता है।
  • खरगोश – यह खरगोश बहुत ही अधिक सूंदर है।
  • खर्राटा – तुम खर्राटा लेकर क्यों सो रहे हो।
  • खुदरा – कोई भी सामान पर खुदरा दाम लिखा होता है।
  • खीर – तुमने जो खीर बनाया है वह बहुत ही अधिक स्वादिष्ट है।
  • खान-पान – क्या तुम अपने खान-पान पर ध्यान देते हो।
  • खेल – यह कौन सा खेल है।
  • खुलासा – अब जल्द ही सच्चाई का खुलासा होगा।
  • खान – मुस्लिमो का सरनेम खान होता है।
  • खेलवाड़ – यह कैसा खेलवाड़ है
  • खलिहान – यहाँ पर बहुत खलिहान है
  • खेत – खेत में पानी भर गया है
  • खूँटा – इस बिल्ली को खूँटा से बाँध दो।
  • खेमा – यह खेमा तुम्हारा है क्या।
  • खोंचा – तुमने यह खोंचा क्या लगा लिया है।
  • खटमल – इस चारपाई में बहुत खटमल है।
  • खोआ – क्या मेरा खोआ तैयार है
  गसे शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
  • गोत्र – तुम्हारा कौन सा गोत्र है।
  • गठबन्धन – तुम्हारा किसके साथ गठबन्धन है ।
  • गंजा – यह गंजा के कंगी करेगा।
  • गिरगिट – तुम गिरगिट की तरह रंग मत बदलो।
  • गिद्ध – यह गिद्ध बहुत ही शक्तिशाली है
  • गुलाम – मुझे किसी गुलाम की तरह नहीं जीना है।
  • गलियारा – यह गलियारा मेरा है।
  • गदर – तुमने तो गदर करावा ही दिया था।
  • गुणगान – तुम्हारे इस अच्छे काम का गुणगान मैं सदा ही करता रहूँगा।
  • ग्रहण – क्या तुमने भोजन ग्रहण कर लिया है ।
  • गलीचा – यह गलीचा किसने बनाया है।
  • गोदाम – यह गोदाम में मेरा कार है।
  • गजब – गजब मैंने तो ऐसा सोचा ही नहीं था।
  • गन्धक – यह गन्धक क्यों लेकर ए हो।
  • गेंद – यह गेंद मेरी है।
  • गूदा – यह फूलों का गूदा कहा रखूं।
  • गुलाब – यह गुलाब बहुत ही अधिक सूंदर है।
  • गोधन – गोधन क्या होता है
  • गौरव – तुम्हारे पिता तुम पर गौरव करेंगे।
  से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
  • घूँघट – घूँघट की आंड में दिलबर का
  • घटा – तुम इसे घटा दो।
  • घराना – भाई ये कितना बड़ा घराना है।
  • घपला – तुम कितना बड़ा घपला कर दिए हो।
  • घात – तुम किस पर घात लगा कर बैठे हो।
  • घोंघा – यह घोंघा कहाँ मिला।
  • घोल – यह किस चीज का घोल है।
  • घुमाव – यहाँ पर बहुत घुमाव है।
  • घाव – यह घाव कैसे लगी तुमको।
  • घुन – घुन लकड़ी को कमजोर कर देते है।
  • घपला – यह घपला कैसे हो गया।
  • घर्षण – यह कैसे घर्षण लग रहा है।
  चसे शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
  • चौक – मुझे चौक तक जाना है ।
  • चालान – आज मेरी गाड़ी का चालान काट दिया।
  • चक्र – यह चक्र बहुत ही बड़ा है।
  • चक्कर – मुझे चक्कर आ रहा है।
  • चंगुल – मेरे चंगुल से कैसे बचोगे।
  • चन्दन – चन्दन बहुत ही महंगा बिकता है।
  • चकमा – तुम कैसे उसे चकमा दे सकते हो।
  • चमगादड़ – यह चमगादड़ है।
  • चढाव – यह चढाव बहुत कठिन है।
  • चक्रव्यूह – चक्रव्यूह किसने रचा है।
  • चाँद – आज का चाँद बहुत ही कम निकला है
  • चीख – तुम्हारी तो चीख ही निकल गयी थी।
  • चुंबक – यह गजब का चुंबक है
  • चीता – यह चीता से भी तेज दौड़ सकता है।
  से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
  • छाछ – यह छाछ बहुत ही ठंडा है
  • छत्ता – यह मधुमखी का छत्ता है
  • छप्पर – इसका घर छप्पर का है
  • छेड़ – तुम इसे क्यों छेड़ रहे हो ।
  • छींका – यहाँ पर किसने छींका था।
  • छोरे – यह पर किसीका छोरा आया था
  • छोर – यह आखिरी छोर तुम पकड़ लो
  • छेद – यह छेद किसने किया है
  • छाता – यह छाता किसके द्वारा लाया गया है
  से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
  • जिगर – तुम्हारा बहुत बड़ा जिगर है
  • जीरा – यह जीरा जितना ही बड़ा है
  • जासूस – क्या तुम जासूस हो
  • जंतु – क्या वे जंतु है
  • जहाज – जहाज पर कौन बैठा है
  • जिक्र – तुमको हमारी जिक्र नहीं की /
  • जाम – यह कैसा जाम है
  • जलपान – यहाँ पर जलपान हो रहा है
  • जमघट – यह कैसा जमघट लगा है
  • जनपद – तुम्हारा कौन सा जनपद है
  • जलधर -क्या तुम कोई जलधर हो
  • जख्म – यह जख्म कैसे लगा
  • जुआ – क्या तुम जुआ खेलते हो
  • जुकाम – तुम्हे जुकाम कैसे हुआ है
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
  • झकझोर – यह घटना मुझे झकझोर दिया है
  • झाड़ – यह कैसा झाड़ है
  • झुण्ड – झुण्ड लगाकर कहा जा रहे हो
  • झूमर – यह झूमर कैसा है
  • झंझा – झंझा क्या होता है
  • झुकाव – उनके प्रति मेरा झुकाव है
  • झाल – यह झाल बहुत अच्छा है
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
  • टापू – यह टापू है
  • टीपू – टीपू सुल्तान बहुत प्रशिद्ध है
  • टिफिन – क्या तुम टिफिन लाये हो
  • टिकट – कहा तक की टिकट लाये है
  • टैक्स – क्या अभी टैक्स देना है
  • टीन – टीन में दाल है
  • टमाटर – टमाटर पके है
  • तुगलक – तुगलक कौन था
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
  • ठंडा – यह बहुत ही ज्यादा ठंडा है
  • ठान – क्या तुमने अब ठान लिया है
  • ठग – तुम्हे किसने ठग लिया है
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
 हसे शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग

पुल्लिंग शब्दों का निर्धारण हिंदी व्याकरण के अनुसार

👉 किसी भी शरीर के सभी अंगो को
जैसे :-, मुंह, मस्तक आदि।

👉 सभी प्रकार के रत्नों के नाम
जैसे :- नीलम, हीरा आदि।

👉 वाला, दान और खाना जिस शब्द के अंत में आते है
जैसे :- खानदान , दवाखाना, दुकानवाला आदि।

👉 सभी आकारान्त संज्ञाएँ पुल्लिंग होती है।
जैसे :- गुस्सा , चश्मा आदि।

👉 सभी समूह वाचक संज्ञा को
जैसे :- दल , समूह आदि।

👉 सभी वर्णमाला के अक्षरों को पुल्लिंग होते हैं।
जैसे :- य , र , ल , व् आदि।

👉 समय के नाम को भी पुल्लिंग कहते हैं।
जैसे :- मिनट , सेकेंड आदि।

👉 सभी प्रकार के पेड़ों के नाम भी पुल्लिंग होते हैं।
जैसे :- नीम, देवदार आदि।

👉 सभी प्रकार के महीनों के नाम पुल्लिंग होते हैं।
जैसे :- फरवरी , मार्च आदि।

👉 वह सभी धातुओं के नाम पुल्लिंग होते हैं :-
जैसे :- सोना , ताम्बा आदि।

👉 सभी प्रकार के दिनों के नाम पुल्लिंग होते हैं :-
जैसे :- सोमवार , मंगलवार आदि।

👉 जिन शब्दों के पीछे पा , पन , न, अ , त्व , आ , आव आदि प्रत्यय आये वे पुल्लिंग होते हैं।
जैसे :- , राम , कृष्ण आदि।

👉 नक्षत्रों के नाम पुल्लिंग होते हैं :-
जैसे :- सूर्य , चन्द्र आदि।

👉 सागर के नाम पुल्लिंग होते हैं।
जैसे :- हिन्द महासागर आदि।

👉 देशों के नाम पुल्लिंग होते हैं :-
जैसे :- भारत, पाकिस्तान, आदि।

👉 भारी वस्तुये भी पुल्लिंग की श्रेणी में होती हैं।
जैसे :- जूता , पहाड़ आदि।

👉 सभी तरह के अनाजों के नाम भी पुल्लिंग होते हैं।
जैसे :- चना , जौ आदि।

👉 सभी द्रवों के नाम पुल्लिंग की श्रेणी में आते हैं।
जैसे :- पानी , तेल आदि।

👉 फूलों के नाम पुल्लिंग होते हैं।
जैसे :- गेंदा , मोतिया आदि।

👉 सभी पर्वतों को पुल्लिंग की श्रेणी में रखा गया है ।
जैसे :- विघ्यांच्ल, कैलाश आदि।

👉 प्राणीवाचक शब्द हमेशा पुरुष जाति का ही बोध करते हैं।
जैसे :- कौआ , कवि आदि।

👉 द्वीप भी पुल्लिंग होते हैं।
जैसे :- अंडमान -निकोबार आदि।

पुल्लिंग अपवाद

पुल्लिंग शब्द के इस निर्धारण श्रेणी में कुछ अपवाद भी है।

पक्षी , फरवरी , एवरेस्ट , मोतिया , दिल्ली , स्त्रीत्व आदि।

2. स्त्रीलिंग 

स्त्रीलिंग शब्द और उनके प्रयोग

से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
से शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग
 हसे शुरू होने वाले शब्द और उनका प्रयोग

स्त्रीलिंग शब्दों का पहचान हिंदी व्याकरण के अनुसार

👉 नक्षत्रो के नाम स्त्रीलिंग होते हैं ।
जैसे :- अश्विनी , भरणी , रोहिणी , रेवती , मृगशिरा , चित्रा आदि ।

👉 भाषा , बोलियों तथा लिपियों के नाम स्त्रीलिंग होती हैं :-
जैसे :- हिंदी , संस्कृत , देवनागरी , पहाड़ी , अंग्रेजी ,आदि ।

👉 नदियों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं :-
जैसे :- कावेरी , कृष्णा , व्यास , सतलुज , झेलम आदि

👉 शरीर के अंगों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं ।
जैसे :- , जीभ , पलक , आदि ।

👉 समूहवाचक संज्ञा स्त्रीलिंग होते हैं ।
जैसे :- भीड़ , कमेटी , सेना , सभा , कक्षा आदि ।

👉 पुस्तकों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं ।
जैसे :- कुरान , रामायण आदि ।

👉 मशालों के नाम भी स्त्रीलिंग होते हैं ।
जैसे :- मिर्च , धनिया , इलायची , आदि ।

👉 जिन संज्ञा शब्दों के पीछे ख , ट , वट , हट , आनी आदि आयें वे सभी स्त्रीलिंग होते हैं ।
जैसे :- बनावट , मूर्खता , मिठाई , राजस्थानी आदि ।

👉 हमेशा स्त्रीलिंग रहने वाली संज्ञा होती हैं ।
जैसे :- मक्खी , कोयल , मछली , तितली , मैना आदि ।

👉 आहारों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं ।
जैसे :- सब्जी , दाल , कचौरी , पूरी , रोटी , पकोड़ी आदि ।

👉 राशि के नाम स्त्री लिंग होते हैं ।
जैसे :- कुम्भ , मीन , आदि।

👉 अनुस्वारांत , ईकारांत , उकारांत , तकारांत , सकारांत आदि संज्ञाएँ आती है वे स्त्रीलिंग होते हैं ।
जैसे :- रोटी , टोपी , नदी , चिट्ठी , उदासी , आदि ।

👉 प्राणीवाचक संज्ञा स्त्रीलिंग होती हैं ।
जैसे :- धाय , संतान , सौतन आदि ।

👉 तरीखो और तिथियों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं ।
जैसे :- पहली , पृथ्वी , अमावस्या , आदि ।

👉 अभुष्ण और वस्त्रों के नाम स्त्रीलिंग होते हैं ।
जैसे :- टोपी , पेंट , कमीज , पगड़ी , माला आदि ।

स्त्रीलिंग के अपवाद

जैसे :- जनवरी , मई , जुलाई , पृथ्वी , मक्खी , ज्वार , अरहर , मूंग , चाय , काफी , लस्सी , चटनी , इ , ई , ऋ , जीभ , आँख , नाक , उँगलियाँ , सभा , कक्षा , संतान , प्रथम , तिथि , छाया , खटास , मिठास , आदि ।

स्त्रीलिंग प्रत्यय

जब पुल्लिंग शब्दों को स्त्रीलिंग बनाया जाता है तब प्रत्ययों को शब्दों में जोड़ा जाता है जिन्हें स्त्रीलिंग प्रत्यय कहते हैं । जैसे :-ई = बड़ा – बड़ी , भला – भली आदि ।इनी = योगी – योगिनी , कमल – कमलिनी आदि ।इन = धोबी – धोबिन , तेल – तेली आदि ।नि = मोर – मोरनी , चोर – चोरनी आदि ।आनी = जेठ – जेठानी , देवर – देवरानी आदि ।आइन = ठाकुर – ठकुराइन , पंडित – पण्डिताइन आदि ।इया = बेटा – बिटिया , लोटा – लुटिया आदि ।

पुल्लिंग से स्त्रीलिंग बनाने के नियम इस प्रकार हैं

👉 जिन पुल्लिंग शब्दों के अंत में अ, और आ आये तो उसे ” ई ” के साथ परिवर्तन कर देने पर उस शब्द को स्त्री लिंग में परिवर्तित किया जा सकता है

उदहारण -;

  • गधा = गधी
  • नाला = नाली

👉 पुल्लिंग शब्दों के अंत में अ, और आ आये तो उसे ” इया ” के साथ परिवर्तन कर देने पर उस शब्द को स्त्री लिंग में परिवर्तित किया जा सकता है

उदहारण ;-

  • बुढा = बुढिया
  • बेटा = बिटिया

👉 अक जैसे तत्सम शब्दों में ‘ इका ‘ जोडकर भी स्त्रीलिंग बनाए जाते हैं ।

उदहारण ;-

  • गायक = गायिका
  • चालक = चालिका
  • पाठक = पाठिका
  • सेवक = सेविका

👉 पुल्लिंग शब्दों को स्त्रीलिंग बनाने के लिए कभी कभी नर या मादा लगाना पड़ता है ।

उदहारण :-

  • उल्लू = मादा उल्लू
  • जिराफ = मादा जिराफ
  • चील = नर चील

👉 कुछ पुल्लिंग शब्दों के स्त्रीलिंग बिलकुल उल्टे होते हैं ।

उदहारण ;-

  • पति = पत्नी
  • मर्द = औरत

👉 कुछ पुल्लिंग शब्दों में ‘ आनी ‘ प्रत्यय लगाकर स्त्रीलिंग बनाया जाता है ।

उदहारण ;-  

  • चौधरी = चौधरानी
  • देवर = देवरानी

👉 कभी कभी पुल्लिंग के कुछ शब्दों में ‘ इन ‘ जोडकर स्त्री लिंग बनाया जाता है ।

उदहारण :-

  • नाती = नातिन
  • माली = मालिन

👉 कभी कभी बहुत से शब्दों में ‘ आइन ‘ जोडकर भी स्त्रीलिंग बनाए जाते हैं ।

उदहारण :-

  • गुरु = गुरुआइन
  • पंडित = पण्डिताइन

👉 जब पुल्लिंग शब्दों में ता की जगह पर ‘ त्री ‘ लगा दिया जाता है तो वे स्त्रीलिंग बन जाते हैं ।

उदहारण ;-

  • अभिनेता = अभनेत्री
  • रचयिता = रचयित्री

👉 जाति और भाव बताने वाले शब्दों में ” नी “ लगा दिया जाता है तो वे स्त्रीलिंग में बदल जाते हैं ।

उदहारण ;-

  • हंस = हंसनी
  • मोर = मोरनी

👉 पुल्लिंग शब्दों में जब ‘ इनी ‘ जोड़ दिया जाता है तो वे स्त्रीलिंग बन जाते हैं ।

उदहारण ;-

  • अभिमान = अभिमानिनी
  • दंडी = दंडिनी

👉 मान और वान को जब वती और मति में बदल दिया जाता है तो वे स्त्रीलिंग में बदल जाते हैं ।

उदहारण ;-

  • श्रीमान = श्रीमती
  • आयुष्मान = आयुष्मती

👉 अकारांत शब्दों में आ लगा देने से वे स्त्रीलिंग हो जाते हैं ।

उदहारण ;-

  • पूज्य = पूज्या
  • श्याम = श्यामा

शब्दों का लिंग परिवर्तन

पुल्लिंग = स्त्रीलिंग 

  • घोडा = घोड़ी
  • दादा = दादी
  • महान = महती
  • विद्वान् = विदुषी
  • छात्र = छात्रा
  • हाथी = हथिनी
  • पुरुष = स्त्री
  • मोर = मोरनी
  • स्वामी = स्वामिनी
  • सुत = सुता
  • देवर = देवरानी
  • लुहार = लुहारिन
  • माली = मालिन
  • चिड़ा = चिड़िया
  • ब्राह्मण = ब्राह्मणी
  • नर मछली = मछली
  • भालू = मादा भालू
  • कछुआ = मादा कछुआ
  • बलवान = बलवती
  • श्रीमान = श्रीमती
  • मामा = मामी
  • नर चील = चील
  • ऊँट = ऊंटनी
  • लेखक = लेखिका
  • सेवक = सेविका
  • कवि = कवियित्री
  • धोबी = धोबिन
  • नर = मादा
  • ग्वाला = ग्वालिन
  • शिक्षक = शिक्षिका
  • भेडिया = मादा भेडिया
  • लड़का = लडकी
  • लोटा = लुटिया
  • हितकारी = हितकारिनी
  • नौकर = नौकरानी
  • बेटा = बिटिया
  • भेड़ = भेडा
  • घोडा = घोड़ी
  • पडोस = पड़ोसिन
  • कहार = कहारिन
  • खरगोश = मादा खरगोश
  • जेठ = जेठानी
  • दास = दासी
  • चूहा = चुहिया
  • मालिक = मालकिन
  • बालक = बालिका
  • सम्राट = सम्राज्ञी
  • देव = देवी
  • गुड्डा = गुडिया
  • परोपकारी = परोपकारिनी
  • गायक = गायिका
  • नाग = नागिन
  • नेता = नेत्री
  • साधु = साध्वी
  • शिष्य = शिष्या
  • बाल = बाला
  • पंडित = पण्डिताइन
  • ठाकुर = ठकुराइन
  • युवक = युवती
  • सिंह = सिंहनी
  • अध्यापक = अध्यापिका
  • पाठक = पाठिका
  • दर्जी = दर्जिन
  • शेर = शेरनी
  • वर = वधू
  • नर मक्खी = मक्खी
  • नर चीता = चीता
  • बकरा = बकरी
  • सुनार = सुनारिन
  • सेठ = सेठानी
  • बाल = बाला
  • तपस्वी = तपस्विनी
  • कंघा = कंघी
  • नाना = नानी
  • काका = काकी
  • लड़का = लड़की
  • प्रेमी = प्रेमिका
  • ब्राह्मण = ब्राह्मणी
  • गुरु देव = गुरु माता
  • सखा = सखी
  • हाथी = हथिनी

पुल्लिंग और स्त्रीलिंग दोनों में इस्तेमाल होने वाले शब्द

जिन शब्दों का इस्तेमाल पुल्लिंग और स्त्रीलिंग दोनों के लिए किया जाता है वे शब्द उभयलिंग कहलाते है। यह शब्द इस प्रकार से है

  • प्रधानमंत्री
  • मुख्यमंत्री
  • राष्ट्रपति
  • उपराष्ट्रपति
  • चित्रकार
  • पत्रकार
  • गवर्नर
  • लेक्चर
  • वकील
  • डॉक्टर
  • सेक्रेटरी
  • प्रोफेसर
  • शिशु
  • दोस्त
  • बर्फ
  • मेहमान
  • मित्र
  • ग्राहक
  • प्रिंसिपल
  • मैनेजर
  • श्र्वास
  • मंत्री आदि ।

लिंग निर्णय करने के प्रकार

  1. तत्सम शब्दों का लिंग निर्णय
  2. संस्कृत शब्दों का लिंग निर्णय
  3. तद्भव शब्दों का लिंग निर्णय
  4. अर्थ के अनुसार लिंग निर्णय
  5. प्रत्ययों के आधार पर तद्भव हिंदी शब्दों का लिंग निर्णय
  6. उर्दू शब्दों का लिंग निर्णय
‘नेता’ शब्द का स्त्रीलिंग रूप क्या है ?

नेत्री

‘अध्यापिका’ शब्द का पुरुषलिंग रूप क्या होता है ?

अध्यापक

‘दाता’ शब्द का स्त्रीलिंग रूप क्या है ?

गुजारिश

दोस्तों हमने आपको ” Ling Kise Kahate Hain Tutorial in Hindi   पोस्ट में कई सवालो के जवाब देने का प्रयास किया है

फिर भी अगर आपके पास कोई अन्य सवाल इससे जुड़े हुए है तो आप उन्हें हमसे सीधे कमेंट के जरिये जरूर बताये

हम आपके सभी सवालो को अपने इस लेख में डालकर आप सभी की मदद करना पसंद करेंगे।

दोस्तों आपको हमारा यह लेख ” Ling Kise Kahate Hain Tutorial in Hindi” आपको कैसा लगा आप हमे कमेंट करके जरूर बताये

Read Our Other Article

1 thought on “Ling Kise Kahate Hain puri jankaari”

Leave a Comment