Sangeet Kise kahate hain | संगीत किसे कहते है?

Sangeet Kise kahate hain ? ऐसा सवाल अपने मन होना एक स्वाभाविक बात है

क्युकी संगीत हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण है। और यह हमारी दैनिक जिंदगी का हिस्सा बन चुका है।

संगीत केवल मनोरंजन के लिए ही नहीं सुना जाता है। इसके अन्य और भी फायदे है

आईये विस्तार से समझते है की संगीत किसे कहते है और यह कितने प्रकार का होता है

संगीत किसे कहते है? (sangeet kise kahate hain)

संगीत वह सुव्यवस्थित ध्वनि है, जिससे मधुर रस का निर्माण हो अर्थात वह ध्वनि जो कानो को प्रिय लगे, संगीत कहलाती है। गायन, वादन व नृत्य तीनों के समावेश को संगीत कहते हैं।

भारत में गीत और वाद्य के साथ नृत्य को संगीत से जुड़ा हुआ माना जाता है क्युकी गीत या वाद्य, नृत्य के साथ बराबर अथवा दोनों रहते हैं।

जबकि ने अन्य देशो में नृत्य को एक भिन्न कला मानते हैं। भारत से बाहर अन्य देशों में केवल गीत और वाद्य को संगीत में गिनते हैं

संगीत की उत्पत्ति

प्राचीन शास्त्रों में संगीत की उतपत्ति को लेकर बहुत ही कथाये है। जबकि भारतीय संगीत का जन्म वेद के उच्चारण में देखा जा सकता है।

संगीत का सबसे प्राचीनतम ग्रन्थ भरत मुनि का नाट्‍यशास्त्र है। इसके अलावा संगीत अन्य ग्रन्थ बृहद्‌देशी, दत्तिलम्‌, संगीतरत्नाकर है

संगीत के प्रकार

भारतीय संगीत में संगीत को केवल दो भागों में विभाजित किया गया है। शास्त्रीय संगीत एवं भाव संगीत

1. शास्त्रीय संगीत

जो शास्त्र नियमो से प्रेरित हो उसे शास्त्रीय संगीत कहते है इस तरह के संगीत में कई नियमो का पालन भी करना पड़ता है

क्यों की राग के नियमो का पालन न करने से राग हानि होती है.

हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की भी दो पद्धतिया है। .

  1. उत्तरी (हिंदुस्तानी) संगीत
  2. दक्षिणी ( कर्नाटक ) संगीत

2. भाव संगीत

इस तरह के संगीत में किसी भी नियमो का पालन नहीं किया जाता है सभी सुरो और तालो को अपने भावनाओ के हिसाब से तैयार किया जाता है

किन्तु इसमें भी सभी सुर , ताल और लय को नियंत्रित मात्रा में ही गाया और बजाया जाता है।

भाव संगीत को लाइट म्यूजिक भी कहते है। इसको मुख्यतः तीन भागो में विभाजित किया जा सकता है

1. चित्रपट संगीत   2. लोक संगीत  3. भजन संगीत

चित्रपट संगीत

चित्रपट संगीत का उपयोग फिल्मों में अधिकतर इस्तेमाल किया जाता है सभी फ़िल्मी गीत इसके उदाहरण है।

लोक संगीत

यह मुख्यतः क्षेत्रीय या ग्रामीणों का गीत है। इन गीतों में सैकड़ो वर्षो से चले आये रीति रिवाजो की झलक मिलती है। इसके अंतर्गत शादी व विभिन्न संस्कारो में गए जाने बाले गीत है।

भजन गीत

जिन गीतों के द्वारा ईश्वर का गुणगान या प्रार्थना की जाये वह गीत भजन कहलाते है।
अधिकतर ये दादरा कहरवा ताल में होते है

संगीत शब्द का उत्पत्ति

‘सम्+ग्र’ धातु से मिलकर “संगीत ” शब्द का निमार्ण हुआ है। जो अन्य भाषाओं में ‘सं’ से बदलकर ‘सिं’ हो जाता है

संगीत शब्द को यूनानी भाषा में ‘मौसिकी’ (musique), लैटिन में ‘मुसिका’ (musica), फ्रांसीसी में ‘मुसीक’

(musique), पोर्तुगी में ‘मुसिका’ (musica), जर्मन में मूसिक’ (musik), अंग्रेजी में ‘म्यूजिक’ (music), इब्रानी,

अरबी और फारसी में ‘मोसीकी’ कहते है

संगीत के स्वर

भारतीय संगीत में सात स्वर (notes of the scale) बतलाये गए हैं, जिनके नाम हैं – षड्ज, ऋषभ, गांधार, मध्यम, पंचम, धैवत व निषाद।

इसी पर आधारित अन्य देशो और सभी कालों में सात स्वर नियत किए गए हैं।

किन्तु इसका मतलब यह नहीं की संगीत में केवल सात ही स्वर होते है यह केवल मानक है वैसे तो संगीत में अनेको स्वर है

संगीत की शैलियाँ

संगीत का महत्व

संगीत एक प्रकार का योग है। इसकी विशेषता है कि इसमें साध्य और साधन दोनों ही सुखरूप हैं।

अतः संगीत एक उपासना है, इस कला के माध्यम से मोक्ष प्राप्ति होती है।

यही कारण है कि भारतीय संगीत के सुर और लय की सहायता से मीरा, तुलसी, सूर और कबीर जैसे कवियों ने भक्त शिरोमणि की उपाधि प्राप्त की और अन्त में ब्रह्म के आनन्द में लीन हो गए।

इसीलिए संगीत को ईश्वर प्राप्ति का सुगम मार्ग बताया गया है। संगीत में मन को एकाग्र करने की एक अत्यन्त प्रभावशाली शक्ति है

तभी से ऋषि मुनि इस कला का प्रयोग परमेश्वर का आराधना के लिए करने लगे।

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संगीत सुनने के लाभ

  • संगीत सुनने से‌‌‌ तनाव कम होता है
  • ‌‌‌दर्द कम करने के लिए भी संगीत सुनना लाभप्रद
  • हृदय के लिए भी संगीत अच्छा है
  • ‌‌‌संगीत सुनने से दिमाग की नसों को आराम मिलता है
  • सांस से संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए
  • संगीत सुनने से नींद अच्छी आती है
  • हृदय के लिए संगीत अच्छा है

Most Asked Q&A

संगीत का जनक कौन है?

भारतीय संगीत में यह माना गया है कि संगीत के आदि प्रेरक शिव और सरस्वती है।

शास्त्रीय संगीत कितने प्रकार के होते हैं?

भारतीय शास्त्रीय संगीत की दो प्रमुख पद्धतियां हैं

भारतीय शास्त्रीय संगीत की कितनी धाराएं हैं?

शास्त्रीय संगीत की दो प्रमुख पद्धतियां हैं– हिन्दुस्तानी संगीत और कर्नाटक संगीत

संगीत से संबंधित वेद कौन सा है?

सामवेद गीत-संगीत प्रधान है। 

संगीत के स्वर कितने होते हैं?

भारतीय संगीत में सात स्वर (notes of the scale) हैं,

संगीत की उत्पत्ति कैसे हुई?

एक मत यह है कि नारद ने अनेक वर्षों तक योग-साधना की तब शिव ने उन्हें प्रसन्न होकर संगीत कला प्रदान की थी

शास्त्रीय संगीत के कितने मौलिक राग है?

प्राचीन काल के संगीत विश्लेषण के अनुसार छह (6) पुरुष राग और छत्तीस (36) रागिनियाँ या उनकी भार्याएँ हैं। वे 6 राग हैं भैरव, मालकौंस, हिन्डोल, श्रीराग, दीपक और मेघ।

शास्त्रीय संगीत कहाँ से लिया गया है?

भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्पत्ति वेदों से मानी जाती है। सामवेद में संगीत के बारे में गहराई से चर्चा की गई है। भारतीय शास्त्रीय संगीत गहरे तक आध्यात्मिकता से प्रभावित रहा है

गुजारिश

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