Sanvidhan kise kahate hain|भारतीय संविधान किसे कहते हैं

sanvidhan kise kahate hain ? क्या आपको भी यह सवाल बहुत परेशान कर रहा है तो हम आपके सभी सवालो के जवाब अपने इस आर्टिकल के जरिये देने का प्रयत्न करेंगे।

Table of Contents

Sanvidhan kise kahate hain

संविधान शब्द सम और विधान दो शब्दों से मिलकर बना है| सम का अर्थ बराबर और विधान का अर्थ नियम कौर कानून होता है, अर्थात वह नियम जो सभी नागरिको पर एक सामान लागू होता है, संविधान कहलाता है| संविधान को इंग्लिश में Constitution कहते है|

Sanvidhan किसी देश की नीतियों और सिद्धांतो का वह संग्रह होता है, जिसके आधार पर उस देश की शासन व्यवस्था को संचालित किया जाता है|

संविधान दो प्रकार का होता है लिखित संविधान और मौखिक संविधान

लिखित संविधान

लिखित संविधान वह होता है, जिसका प्रारूप लिखित होता है। लिखित संविधान किसी देश को अच्छी तरह से संचालित करनें के लिए बनाया गया एक लिखित दस्तावेज होता है|

written constitution का निर्माण किसी विशेष समय पर संविधान सभा द्वारा किया जाता है। लिखित संविधान देश का सर्वोच्च कानून होता है, इसका उल्लंघन करनें वाले को गैर संवैधानिक माना जाता है।

मौखिक संविधान

मौखिक संविधान का मतलब है जिसे लिखित प्रारूप न दिया गया हो अर्थात वह संविधान जो लिखित रूप से मौजूद ना हो। मौखिक संविधान के कुछ भाग लिखित रूप से मौजूद होते हैं परंतु सभी भाग नहीं।

मुख्यतः संविधान लिखित रूप में ही मौजूद होते हैं। ब्रिटेन ही एक ऐसा देश है, जिसका संविधान मौखिक है और उस संविधान के केवल कुछ ही भाग लिखित रूप से मौजूद हैं।

ब्रिटिश का संविधान अलिखित होने का कारण यहाँ का संविधान का निरंतर बदलता रहता है।

भारतीय संविधान

भारतीय संविधान कैसे बना

India का संविधान विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान है. यह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को संचालित करने वाला संविधान है

Bharaatiya sanvidhan व्यक्तिगत स्वतंत्रता और इच्छाओं की प्राप्ति की व्यापक संभावना प्रदान करने वाला संविधान है

और bhartiya Sanvidhan को बनाने में 2 साल, 11 महीने और 17 दिन का समय लगा था. भारतीय संविधान को 26 नवंबर, 1949 को अपना लिया गया था

एम.एन. रॉय (कम्युनिस्ट पार्टी के नेता) पहले ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने इस विचार को रखा था और इसे कांग्रेस पार्टी द्वारा समर्थन मिला। 1940 में ब्रिटिश सरकार द्वारा इस मांग को स्वीकार कर लिया गया जिसके बाद अगस्त में भारतीय संविधान को ड्राफ्ट करने की अनुमति मिल गयी।

डॉ सच्चिदानंद सिन्हा की अध्यक्ष्ता में 9 दिसंबर 1946 को, पहली बार संविधान सभा (Constituent Assembly) की बैठक हुई

और फिर डॉ बी आर अम्बेडकर की अध्यक्ष्ता में 29 अगस्त 1947 को संविधान सभा ने संविधान को तैयार करने के लिए एक ड्राफ्टिंग समिति बनाई, जिसको समिति ने 26 नवंबर, 1949 को समाप्त कर दिया

और जिसके बाद माननीय सदस्यों ने 24 जनवरी, 1950 को इस पर अपने हस्ताक्षर किए थे।

लगभग 284 सदस्यों ने संविधान पर हस्ताक्षर किए जिसके बाद भारत का संविधान 26 जनवरी, 1950 को प्रभाव में आया

विभिन्न देशो के संविधानो से लिए गए प्रावधान

भारत का संविधान (Constitution Of India) भारत का सर्वोच्च विधान है 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान पारित हुआ.

1950 में भारत का संविधान लागू किया गया. 26 नवंबर को भारत में संविधान दिवस (Constitution Day) मनाया जाता है.

1. ब्रिटिश संविधान से भारत के संविधान में क्या जोड़ा गया है

भारत के संविधान में निम्नलिखित प्रावधान आयरलैंड के ब्रिटेन से लिए गए है

  • कानून के शासन का विचार
  • विधायिका में अध्यछ का पद और उनकी भूमिका
  • कानून निर्माण की विधि
  • सरकार का संसदीय स्वरुप
  • सर्वाधिक मत के आधार पर चुनाव में जीत का फैसला
  • संसदात्मक शासन-प्रणाली
  • एकल नागरिकता एवं विधि निर्माण प्रक्रिया
  • विधि का शासन
  • मंत्रिमंडल प्रणाली
  • परमाधिकार लेख
  • संसदीय विशेषाधिकार
  • द्विसदनवाद

2. आयरलैंड के संविधान से क्या लिया गया है

भारतीय संविधान में निम्नलिखित प्रावधान आयरलैंड के Sanvidhan से लिए गए है

  • राज्य के निति निदेशक तत्व
  • राज्य के नीति निर्देशक तत्व
  • राष्ट्रपति के निर्वाचक-मंडल की व्यवस्था
  • राष्ट्रपति द्वारा राज्य सभा में 12 सदस्यों का मनोनयन
  • साहित्य, कला, विज्ञान तथा सामाजिक सेवा आदि के क्षेत्र से सम्मानित व्यक्ति

3. फ्रांस का संविधान से क्या लिया गया है

भारतीय संविधान में निम्नलिखित प्रावधान फ्रांस के संविधान से लिए गए है

  • गणतंत्रात्मक और प्रस्तावना में स्वतंत्रता
  • समता
  • बंधुता के आदर्श का सिद्धांत 

4.अमेरिका का संविधान से क्या लिया गया है

क्या आप जानते है की अमेरिकी संविधान विश्व का पहला लिखित संविधान है और भारतीय संविधान में निम्नलिखित प्रावधान अमेरिका के संविधान से लिए गए है

  • राष्ट्रपति और मुख्या न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया।
  • मौलिक अधिकारों की सूची।
  • न्यायिक पपुनरावलोकन की शक्ति।
  • न्यायपालिका की स्वत्नत्रता।

5. कनाडा ​का Sanvidhan से क्या लिया गया है

भारतीय संविधान में निम्नलिखित प्रावधान कनाडा के संविधान से लिए गए है

  • संघात्‍मक विशेषताएं
  • अवशिष्‍ट शक्तियां केंद्र के पास
  • केंद्र द्वारा राज्य के राज्यपालों की नियुक्ति
  • उच्चतम न्यायालय का परामर्श न्याय
  • एक अर्धसंघात्मक सरकार का स्वरुप
  • अवशिष्ट शक्तियों का सिद्धांत

6. ऑस्ट्रेलिया का संविधान से क्या लिया गया है

भारतीय संविधान में निम्नलिखित प्रावधान ऑस्ट्रेलिया के संविधान से लिए गए है

  • प्रस्तावना की भाषा
  • समवर्ती सूची का प्रावधान
  • केंद्र एवं राज्य के बीच संबंध
  • केंद्र एवं राज्य के बीच शक्तियों का विभाजन
  • व्यापार-वाणिज्य
  • संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को

7. जर्मनी का संविधान से क्या लिया गया है

भारतीय संविधान में निम्नलिखित प्रावधान जर्मनी के Sanvidhan से लिए गए है

  • आपातकाल के दौरान राष्ट्रपति के मौलिक अधिकार संबंधी शक्तियां
  • आपातकाल के समय मूल अधिकारों का परिर्वतन

8. साउथ अफ्रीका का संविधान से क्या लिया गया है

भारतीय संविधान में निम्नलिखित प्रावधान साउथ अफ्रीका के Sanvidhan से लिए गए है

  • संविधान संशोधन की प्रक्रिया प्रावधान
  • राज्यसभा में सदस्यों का निर्वाचन

9. सोवियत संघ का संविधान से क्या लिया गया है

भारतीय संविधान में निम्नलिखित प्रावधान सोवियत संघ के संविधान से लिए गए है

  • मौलिक कर्तव्यों का प्रावधान
  • मूल कर्तव्यों और प्रस्तावना में न्याय (सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक) का आदर्श 

10 जापान का संविधान से क्या लिया गया है

भारतीय संविधान में निम्नलिखित प्रावधान जापान के संविधान से लिए गए है

  • विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया

भारतीय संविधान की अनुसूचियां

भारतीय संविधान में मूल रूप से 8 अनुसूचियां थीं। बाद में, बढ़कर कुल 25 हो गयी गईं। अनुसूचियां सारणी में दी गयी हैं:

भारतीय संविधान अनुसूचियां 1 से 12
पहली अनुसूची – राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों और उनके प्रदेशों की सूची
द्वितीय अनुसूची – राष्ट्रपति, राज्यपालों, राज्यों के अध्यक्ष, अध्यक्ष और लोक सभा के उपाध्यक्ष और राज्यों की परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष और विधान सभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष और अध्यक्ष किसी राज्य के विधान परिषद के उपाध्यक्ष, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश और उच्च न्यायालय और भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों और उनके क्षेत्रों की सूची।
तीसरी अनुसूची – शपथ का प्रारूप।
चौथी अनुसूची – राज्यों की परिषद में सीटों के आवंटन का प्रावधान।
पांचवीं अनुसूची – अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण का प्रावधान।
छठी अनुसूची – असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों में जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन के प्रावधान।
सातवीं अनुसूची – संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची।
आठवीं अनुसूची – मान्यता प्राप्त भाषाओं की सूची।
नौवीं अनुसूची – कुछ अधिनियमों और विनियमों के सत्यापन के प्रावधान।
दसवीं अनुसूची – दलबदल के आधार पर अयोग्यता के प्रावधान।
ग्यारहवीं अनुसूची – पंचायतों की शक्तियाँ, अधिकार और उत्तरदायित्व।
बारहवीं अनुसूची – नगर पालिकाओं की शक्तियाँ, अधिकार और उत्तरदायित्व।

भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Bhartiya Sanvidhan ki prastawna)

भारतीय संविधान की प्रस्तावना पंडित नेहरू द्वारा पेश किये गए ‘उद्देश्य प्रस्ताव’ पर आधारित है. यह लोगों के बीच भाई चारे को बढावा देती है

प्रस्तावना, भारत के सभी नागरिकों के लिए न्याय, स्वतंत्रता, समानता को सुरक्षित करती है प्रस्तावना (Preamble), को भारतीय संविधान का परिचय पत्र कहा जाता है.

“हम, भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्त्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिये तथा इसके समस्त नागरिकों को: सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिये तथा उन सब मेंव्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता तथा अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिये दृढ़ संकल्पित होकर अपनी इस संविधान सभा में आज दिनांक 26 नवंबर, 1949 ई. को एतद् द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं.”

भारतीय संविधान की प्रस्तावना

भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण संशोधन

1950 में संविधान की स्थापना के बाद से अब तक कुल 104 संशोधन हुए हैं।

संशोधनविवरण
पहला संशोधन अधिनियम, 1951संविधान के मौलिक अधिकारों के प्रावधानों में बदलाव
दूसरा संशोधन अधिनियम 1952एक सदस्य को लोकसभा के लिए चुने जाने के लिए 7,50,000 की निर्धारित सीमा को हटाने के लिए संशोधित अनुच्छेद 81।
तीसरा संशोधन अधिनियम, 1954सातवीं अनुसूची में तीन विधान सूचियों में परिवर्तन और समवर्ती सूची में प्रविष्टि 33 को एक नए द्वारा प्रतिस्थापित किया गया।
चौथा संशोधन अधिनियम, 1955अनुच्छेद 31 और 31A में संशोधन किया गया
5वां संशोधन अधिनियम, 1955अनुच्छेद 3 में संशोधन किया गया
7वां संशोधन अधिनियम,1956यह संशोधन राज्य पुनर्गठन अधिनियम को लागू करने के लिए बनाया गया था
9वां संशोधन अधिनियम, 1960इसने भारत और पाकिस्तान के बीच एक समझौते के तहत भारत के कुछ क्षेत्रों को पाकिस्तान को हस्तांतरित करने का प्रावधान किया
10वां संशोधन अधिनियम, 1961दसवां संशोधन भारत के संघ के साथ मुक्त दादरा और नगर हवेली के क्षेत्रों को एकीकृत करता है
11वां संशोधन अधिनियम, 1962निर्वाचक मंडल द्वारा उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों द्वारा होता है, बजाय संसद के संयुक्त बैठक द्वारा चुनाव के।
21वां संशोधन अधिनियम, 1962गोवा, दमन और दीव के क्षेत्रों को भारतीय संघ में शामिल किया।
13 वां संशोधन अधिनियम, 1962,नागालैंड को भारत संघ के राज्य के रूप में बनाया।
15 वां संशोधन अधिनियम, 1963उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 62 और अन्य छोटे संशोधन
21वां संशोधन अधिनियम, 1967आठवीं अनुसूची में सिंधी 15 वीं क्षेत्रीय भाषा के रूप में शामिल हुई
26 वां संशोधन अधिनियम, 1971रियासतों के पूर्व शासकों की उपाधियों और विशेषाधिकारों को समाप्त कर दिया।
31वां संशोधन अधिनियम, 1973लोकसभा की वैकल्पिक शक्ति को 525 से बढ़ाकर 545 कर दिया।
36वां संशोधन अधिनियम, 1975,सिक्किम को भारतीय संघ का राज्य बनाया।
38वां संशोधन अधिनियम, 1975,राष्ट्रपति आपातकाल की घोषणा कर सकता है
42वां संशोधन अधिनियम, 1976,संसद के लिए सर्वोच्चता और मौलिक अधिकारों के लिए निर्देशक सिद्धांतों को प्रधानता दी।इसने संविधान में 10 मौलिक कर्तव्यों को भी जोड़ा।Sanvidhan की प्रस्तावना से “सॉवरेन डेमोक्रेटिक रिपब्लिक” को बदलकर “सॉवरेन सोशलिस्ट सेक्युलर डेमोक्रेटिक रिपब्लिक’ करना और राष्ट्र की एकता को बढ़ाना
44वां संशोधन अधिनियम, 1978लोकसभा और विधानसभाओं की सामान्य अवधि को 5 साल के लिए बहाल किया।संपत्ति का अधिकार भाग III से हटा दिया गया
45वां संशोधन अधिनियम, 1980,10 वर्ष के लिए (1990 तक) SC/ST आरक्षण का विस्तार।
52वां संशोधन अधिनियम, 1985,दलबदल के आधार पर अयोग्यता के प्रावधानों के संबंध में संविधान में दसवीं अनुसूची सम्मिलित की गई।
56वां संशोधन अधिनियम, 1987भारत के Sanvidhan के हिंद संस्करण को उन सभी उद्देश्यों के लिए स्वीकार किया गया था, जो गोवा के केंद्र शासित प्रदेश में दिए गए थे।
61वां संशोधन अधिनियम, 1989लोकसभा और विधानसभाओं के लिए मतदान की आयु को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दिया
73वां संशोधन, 1993
(नगरपालिका बिल), 1992
(पंचायत बिल)
 गाँवों में ग्राम सभा, गाँव और अन्य स्तरों पर पंचायतों का गठन, पंचायतों की सभी सीटों पर सीधा चुनाव और एससी और एसटी के लिए सीटों का आरक्षण और पंचायतों के लिए 5 साल का कार्यकाल तय करना।
74वां संशोधन, 1993
(नगरपालिका बिल)
 एससी / एसटी, महिलाओं और ओबीसी के लिए तीन प्रकार की नगरपालिकाओं के संविधान और हर नगरपालिका में सीटों का आरक्षण
86वां संशोधन अधिनियम, 2002अनुच्छेद 21 के बाद नए अनुच्छेद 21 A के सम्मिलन से संबंधित है।नया अनुच्छेद 21A शिक्षा के अधिकार से संबंधित है।
89वां संशोधन अधिनियम, 2003,अनुच्छेद 338 का संशोधन
91वां संशोधन अधिनियम, 2003अनुच्छेद 75 का संशोधन
92वां संशोधन अधिनियम, 2004,आधिकारिक भाषाओं के रूप में बोडो, डोगरी, संताली और मैथली शामिल हुआ।
93वां संशोधन अधिनियम, 2006,सरकार के साथ-साथ निजी शिक्षण संस्थानों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण (27%)।
99वां संशोधन अधिनियम, 2015एक राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग का गठन
100वां संशोधन अधिनियम, 2015संविधान (100 वां संशोधन) अधिनियम, 2015, मई 2015 के चौथे सप्ताह में खबरों में था, क्योंकि भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संविधान (119 वां संशोधन) विधेयक, 2013 को स्वीकृति प्रदान की थी जो भारत और बांग्लादेश के बीच के भूमि संबंधी समझौते (LBA) से संबंधित था।
101वां संशोधन अधिनियम, 2017,वस्तु और सेवा कर लागू हुआ
103 वां संशोधन अधिनियम, 2019केंद्र सरकार द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों और निजी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10% आरक्षण लागू
संविधान (104 वां संशोधन) अधिनियम, 2020इसने लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में एससी और एसटी के लिए सीटों का आरक्षण बढ़ाया।

भारतीय संविधान की मुख्य विशेषताएं

bhartiya Sanvidhan की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित दिए गए है –

  • सबसे बड़ा लिखित संविधान
  • सरकार का संसदीय स्वरूप 
  • लचीलेपन और कठोरता का समन्वय   
  • मौलिक कर्तव्य 
  • आपातकाल के प्रावधान
  • एकीकृत और स्वतंत्र न्यापालिका
  • धर्मनिरपेक्ष देश
  • सार्वभौम व्यस्क मताधिकार
  • विभिन्न स्रोतों से निर्मित संविधान
  • एकल नागरिकता

Most Asked Question

भारतीय संविधान की आलोचना लिखिए

भारतीय संविधान की आलोचना निम्नलिखित तरीके से की जाती है
उधार का संविधान ,गांधीवाद से दूर संविधान, महाकाय आकार, वकीलों का स्वर्ग इत्यादि।

कठोर संविधान किसे कहते हैं

कठोर संविधान वह होता है जिसमें संविधान संशोधन की प्रक्रिया या प्रणाली जटिल होती है।

भारतीय संविधान कब लागू हुआ

भारत का संविधान 26 जनवरी, 1950 को प्रभाव में आया

भारतीय संविधान के महत्व लिखिए

संविधान का निम्नलिखित महत्व है

लिखित संविधान किसे कहते हैं

लिखित संविधान किसी देश को अच्छी तरह से संचालित करनें के लिए बनाया गया लिखित दस्तावेज होता है| लिखित संविधान का निर्माण किसी विशेष समय पर संविधान सभा द्वारा किया जाता है।

अलिखित संविधान किसे कहते हैं

अलिखित संविधान के कुछ भाग लिखित रूप से मौजूद होते हैं परंतु सभी भाग नहीं। मुख्यतः संविधान लिखित रूप में ही मौजूद होते हैं। ब्रिटेन ही एक ऐसा देश है, जिसका संविधान अलिखित है

संविधान सभा किसे कहते हैं

संविधान की रचना के लिए संविधान सभा का आयोजन किया गया था जिसका गठन कैबिनेट मिशन की सिफारिश पर किया गया था संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को नई दिल्ली में हुई थी।

गुजारिश

दोस्तों हमने आपको ”Sanvidhan kise kahate hain|भारतीय संविधान किसे कहते हैं“  पोस्ट में कई सवालो के जवाब देने का प्रयास किया है

फिर भी अगर आपके पास कोई अन्य सवाल इससे जुड़े हुए है तो आप उन्हें हमसे सीधे कमेंट के जरिये जरूर बताये

हम आपके सभी सवालो को अपने इस लेख में डालकर आप सभी की मदद करना पसंद करेंगे।

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