Vyakaran kise kahate hain puri jaanakri in hindi

vyakaran kise kahate hain में हम पूरी जानकारी इस आर्टिकल के जरिये आपको बहुत simple examples के साथ बताने के कोशिस करेंगे।

हम यहाँ पर आपके सभी सवालो के जवाब देंगे, जो की vyakaran से सम्बंधित है

हम यहाँ पर इसके Definition, Rules, Hindi meaning, Examples, Recognition/Identity या पहचान इत्यादि ke बारे में हम आपको बताएँगे।

जिससे की आप vyakaran kise kahate hain अच्छे से समझ सके।

इन सभी के बारे में आपके साथ जाकारी साझा करने से पहले आपको बताना चाहेंगे की इसका इस्तेमाल Hindi Grammar या Hindi spoken class में सिखाया जाता है

तो आइये इनके बारे में details के साथ जानते है

Imp note ;- दोस्तों हमारा यह आर्टिकल सभी Class के Student या अन्य सभी के लिए है

यह आर्टिकल 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 etc. जैसे सभी classes में और Hindi spoken को सीखने में भी हेल्प करेगा

तो Let’s begin 😊

Vyakaran (व्याकरण)

Vyakaran का दूसरा नाम “शब्दानुशासन” है। क्युकी वह शब्द पर अपना अनुशासन करता है ताकि भाषा की शुद्धता व सुंदरता को बरकरार रखा जा सके।

व्याकरण ही बतलाता है कि किसी शब्द का किस तरह प्रयोग करना चाहिए। इसके लिए भी भाषा के लिखने, पढ़ने और बोलने के निश्चित नियम होते हैं।

जो उस भाषा को इन नियमों का पालन करना आवश्यक होता है जिससे की भाषा की शुद्धता व सुंदरता को बरक़रार रहे।

हम इसे दूसरे शब्दों में समझते है;-

जिस प्रकार किसी स्त्री को सूंदर दिखने के लिए उसे श्रृंगार की जरुरत पड़ती है

ठीक उसी प्रकार किसी भी भाषा को सुन्दर एवं सार्थक रखने के लिए लिए व्याकरण की जरुरत होती है

उदहारण के लिए ;-

  • रमझ कश ढहजग दकसाई कज्डफो
  • राम घर जाता है।

अपने पहले उदाहरण में देखा होगा की उसमे लिखे कोई भी शब्द समझ में नहीं आ रहे है

किन्तु दूसरे उदारण में दिए गए शब्द पूरी तरह से समझ आ रहे है

ऐसा इसलिए क्युकी पहले उदाहरण में व्याकरण के नियमो का पालन नहीं किया गया है किन्तु दूसरे उदहारण में व्याकरण के सभी नियमो का पालन किया गया है

vyakaran kise kahate hain

व्याकरण की परिभाषा ;- वह विद्या जिसके माध्यम से किसि भाषा को शुद्ध रूप में पढ़ते, लिखते एवं समझते है उसे ही व्याकरण कहते है

व्याकरण के भेद ;-

व्याकरण के मुख्यत: चार भेद/अंग है

  1. वर्ण
  2. शब्द
  3. पद
  4. वाक्य

किन्तु आपको यह कही कही पर केवल तीन ही पढ़ने को मिल सकती है क्युकी इसमें भी कई विद्वानो का अपना मत है

यहाँ पर हम व्याकरण के चारो अंग पर चर्चा करेंगे

1. वर्ण ;-

वर्ण को ध्वनि भी कहते है क्युकी ध्वनि का लिखित रूप ही वर्ण कहलता है और यह किसी भी भाषा की सबसे छोटी इकाई भी होती है

यह इस प्रकार से होती है

अ, क, ब, स, द इत्यादि।

वर्ण दो प्रकार के होते है

स्वर एवं व्यंजन

वर्ण के बारे में अधिक जानकारी के लिए हमारे वर्ण के आर्टिकल को पढ़े।

2. शब्द ;-

जब दो या दो से अधिक वर्ण एक साथ मिलकर किसी सार्थक अर्थ का निर्माण करते है

तो उसे शब्द कहा जाता है

जैसे ;- राम, काम, घर इत्यादि।

3. पद;-

वचन, लिंग, विभक्ति, काल इत्यादि की योग्यता रखने वाले शब्दों को पद कहते है।

राम, आम — संज्ञा शब्द।

खाता, है — क्रिया शब्द।

राम आम खाता है।

(राम – कर्तापद ; आम — कर्मपद ; खाता है — क्रियापद) 

4. वाक्य ;-

शब्दों के उस समूह को वाक्य कहते है जिसके जरिये कोई सार्थक अर्थ बनता हो।
जैसे ;- राकेश पुस्तक पढ़ता है।

व्याकरण क्यों जरुरी है

व्याकरण एक ऐसी विद्या है जिसके जरिये ध्वनि (वर्ण) को नियमो में बांधकर उससे एक सार्थक शब्द बनाया जाता है जिसका इस्तेमाल आम भाषा के बोलचाल में इस्तेमाल किया जाता है

दूसरे शब्दों में हम इस तरह भी कह सकते है

हम इसे इस तरह भी कह सकते है की व्याकरण कई नियमो का इक गुच्छा है या कई सारे नियमो का समूह है जिसके जरिये हम किसी भाषा का निर्माण करते है या किसी भाषा को सही और शुद्ध तरीके से लिखते और पढ़ते है।

किसी भी “भाषा” के अंग प्रत्यंग का विश्लेषण तथा विवेचन “व्याकरण” कहलाता है, यह हमे बतलाता है की किसी शब्द का किस तरह प्रयोग करना चाहिए।

व्याकरण के नियमो के ज्ञाता को वैयाकरण कहते है।

व्याकरण का जन्म

पुरे संसार की सभी भाषा ग्यानी (भाषाविद ) यह मानते है की भाषा का उद्गम वेदो से हुआ है क्युकी इस पृथ्वी पर उपलब्ध साहित्य में सबसे प्राचीन वेद है।

और इसमें ऋग्वेद संसार का प्राचीनतम साहित्य है। वेद जैसा साहित्य देशकाल की सीमा में बँधा रहनेवाला नहीं है;

इसलिए प्रबुद्ध “देव” जनों ने अपने राजा (इंद्र) से प्रार्थना की-“हमारी (वेद-) भाषा का व्याकरण बनना चाहिए। आप हमारी भाषा का व्याकरण बना दें।” तब तक वेदभाषा “अव्याकृता” थी; उसे यों ही लोग काम में ला रहे थे।

इंद्र ने “वरम्” कहकर देवों की प्रार्थना स्वीकार कर ली और फिर पदों को (“मध्यस्तोऽवक्रम्य”) बीच से तोड़ तोड़कर प्रकृति प्रत्यय आदि का भेद किया-व्याकरण बन गया।

Most Asked Q&A

व्याकरण किसे कहते हैं इसके कितने भेद होते हैं?

वह विद्या जिसके माध्यम से किसिस भाषा को शुद्ध रूप में पढ़ते, लिखते एवं समझते है उसे ही व्याकरण कहते है व्याकरण के मुख्यत: चार भेद/अंग है

हिंदी व्याकरण के कितने भाग होते हैं?

व्याकरण के मुख्यत: चार भेद/अंग है

व्याकरण के कितने भेद होते हैं

व्याकरण के मुख्यत: चार भेद/अंग है

व्याकरण और भाषा का क्या संबंध है?

व्याकरण वह विधा है, जिसके द्वारा किसी भाषा का शुद्ध बोलना या लिखना जाना जाता है। व्याकरण भाषा की व्यवस्था को बनाये रखने का काम करते हैं। व्याकरणभाषा के शुद्ध एवं अशुद्ध प्रयोगों पर ध्यान देता है। प्रत्येक भाषा के अपने नियम होते हैं, उस भाषा का व्याकरण भाषा को शुद्ध लिखना व बोलना सिखाता है।

गुजारिश

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अगर आपके मन इससे जुड़े कोई भी सवाल है तो आप हमे हमे अपने सवाल कमेंट के जरिये जरूर बताये

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